December 22, 2010

उल्फत ही मज़हब है अपना

उसकी चौखट रब है अपना
उल्फत ही मज़हब है अपना

दुनिया अपनी, दुनिया के हम
अपना क्या है? सब है अपना!

वो जो मीठा मीठा बोले
उसका कुछ मतलब है अपना

उसकी यादों में खोया है
अपना दिल भी कब है अपना?

सांसों की डोरी पर चलना
जीना भी, करतब है अपना

19 comments:

  1. अच्छी प्रस्तुति ...पर मीठा बोलने वाले का क्या मतलब ही होता है ?

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  2. @ संगीता जी
    हमेशा ऐसा हरगिज़ नहीं होता........मगर आजकल जियादातर ऐसा देखने मैं आता है.........ये शेर उनकी तरफ से है जिन्हें ऐसा अनुभव हुआ है ......सबके लिए नहीं

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  3. बहुत खूब ....।

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  4. 'duniya apni duniya ke ham
    apna kya hai?sab hai apna'
    umda sher..
    achchhi gazal..

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  5. काबिले तारीफ. इन चंद शब्दों में आपने बहुत ही गहरी बात कह दी.... बहुत खूब
    सृजन शिखर पर -- इंतजार

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  6. sahil ji tippni or blog follow karne ka shukriya. aaj maine aapki sari rachna padi. sari ek se badkar ek lagi. par aapki profile me jo sher likha hua hai wo mujhe subse sunder lagi. dhanyabad.

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  7. दुनिया अपनी , दुनिया के हम
    अपना क्या है? सब है अपना

    बहुत कम अलफ़ाज़ में इतनी ढेर-सी काम की बातें
    कह डाली आपने अपनी ग़ज़ल में ... वाह !
    हर शेर अपनी मिसाल खुद बन गया है

    लफ़्ज़ों में पैग़ाम छिपा है
    'साहिल' का ये ढब है अपना

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  8. Merry Christmas
    hope this christmas will bring happiness for you and your family.
    Lyrics Mantra

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  9. आपको एवं आपके परिवार को क्रिसमस की हार्दिक शुभकामनायें !

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  10. वैसे तो पूरी गजल बहुत सुंदर है .......परन्तु अंतिम शेर बहुत संजीदा है ....जिन्दगी से जुड़ा हुआ ..शुक्रिया

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  11. बढ़िया ग़ज़ल.
    नए साल की हार्दिक शुभकामनायें.

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  12. जय श्री कृष्ण...आपका लेखन वाकई काबिल-ए-तारीफ हैं....नव वर्ष आपके व आपके परिवार जनों, शुभ चिंतकों तथा मित्रों के जीवन को प्रगति पथ पर सफलता का सौपान करायें .....मेरी कविताओ पर टिप्पणी के लिए आपका आभार ...आगे भी इसी प्रकार प्रोत्साहित करते रहिएगा ..!!

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  13. बहुत खूब ...साहिल जी ... उनकी यादों में डूब कर ऐसा ही होता है .... आपको और आपके पूरे परिवार को नव वर्ष की बहुत बहुत बधाई ...

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  14. बहुत खूब साहिल साहब !
    आपने अपनी ग़ज़लों में बहुत खूब बहर चुने हैं जिनपे जगजीत साहब ने बेहतरीन ग़ज़लें गायी हैं, आपकी ग़ज़लें उन धुनों पे गुनगुनाने में बेपनाह लुत्फ मिलता है, क्या खूब हो के आपकी यह खूबसूरत शायरी खूबसूरत धुनों में हम सुनें...
    बहुत सी शुभकामनाएँ, लिखते रहिए !!!

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  15. saanson ki dori pe chalna
    jeena bhi kartab hai apna

    kamal ka expression hai bhai.......

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यहाँ आने का और अपनी बहुमूल्य टिप्पणियों से नवाज़ने का शुक्रिया!

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